हिसार के टॉप 10 आध्यात्मिक स्थल: जहाँ मिलती है मन को शांति
हिसार और उसके आसपास के मंदिर और दरगाहें न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि स्थापत्य कला (Architecture) के भी बेहतरीन नमूने हैं।
हिसार के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र
| रैंक | स्थल का नाम | महत्व | स्थान |
| 01 | अग्रोहा धाम (Agroha Dham) | वैश्य समाज का प्रमुख शक्तिपीठ | अग्रोहा (हिसार-सिरसा रोड) |
| 02 | देवी भवन मंदिर | प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ | मुख्य शहर (निकट बस स्टैंड) |
| 03 | चार कुतुब दरगाह | सूफी संतों का पवित्र स्थान | हांसी |
| 04 | बिश्नोई मंदिर | पर्यावरण संरक्षण और गुरु जम्भेश्वर की शिक्षाएं | हिसार शहर / राजगुरु मार्केट |
| 05 | दिगंबर जैन मंदिर | प्राचीन जैन प्रतिमाएं और नक्काशी | पुराना शहर |
| 06 | बनभौरी देवी मंदिर | माता भ्रामरी देवी का प्राचीन मंदिर | बनभौरी गाँव |
| 07 | संत शिरोमणि रविदास मंदिर | सामाजिक समरसता का प्रतीक | ऋषि नगर |
| 08 | साईं मंदिर | आधुनिक वास्तुकला और शांतिपूर्ण परिसर | सेक्टर 13 |
| 09 | इस्कॉन मंदिर (Proposed/Functional) | भगवान कृष्ण की भक्ति और कीर्तन | सेक्टर 14 के पास |
| 10 | काजला धाम | हनुमान जी का प्रसिद्ध सिद्ध स्थान | हिसार-राजगढ़ रोड |
इन स्थलों की विशेष महिमा
1. अग्रोहा धाम: महाराजा अग्रसेन की राजधानी
हिसार से लगभग 22 किमी दूर स्थित यह मंदिर पूरे विश्व के अग्रवाल समाज की कुलदेवी का स्थान है। यहाँ माता महालक्ष्मी, सरस्वती और हनुमान जी के भव्य मंदिर हैं। मंदिर के पीछे बना ‘शक्ति सरोवर’ और ‘म्यूजियम’ इसे पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बनाते हैं।
2. प्राचीन देवी भवन मंदिर
यह शहर के सबसे पुराने और जागृत मंदिरों में से एक है। नवरात्रि के दौरान यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। कहा जाता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
3. चार कुतुब (हांसी)
यह दरगाह चार महान सूफी संतों की याद में बनी है। यहाँ की वास्तुकला में तुर्की और भारतीय शैली का मिश्रण दिखता है। यह सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है जहाँ हर धर्म के लोग मत्था टेकने आते हैं।
4. बिश्नोई मंदिर और गुरु जम्भेश्वर की विरासत
हिसार बिश्नोई समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ का मंदिर जीव-दया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। साल में दो बार यहाँ भव्य कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
आध्यात्मिक यात्रा के लिए सुझाव:
- अग्रोहा धाम: यदि आप हिसार आ रहे हैं, तो अग्रोहा धाम के लिए आधा दिन (4-5 घंटे) जरूर निकालें।
- शाम की आरती: देवी भवन और साईं मंदिर (सेक्टर 13) की शाम की आरती का अनुभव बेहद सुखद और शांतिपूर्ण होता है।
- त्यौहार: जन्माष्टमी, दिवाली और नवरात्रों में इन सभी मंदिरों की सजावट देखने लायक होती है।
हिसार के ये आध्यात्मिक स्थल शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच सुकून का टापू हैं। चाहे आप धार्मिक हों या सिर्फ वास्तुकला के शौकीन, ये जगहें आपको एक सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) से भर देंगी।


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