स्वच्छ हिसार, स्मार्ट हिसार: 2026 का ‘स्मार्ट वेस्ट बास्केट’ और क्लीन सिटी मिशन
हिसार अब केवल एक औद्योगिक शहर नहीं रहा, बल्कि 2026 तक यह हरियाणा का सबसे स्वच्छ और ‘टेक्नोलॉजी ड्रिवेन’ शहर बनकर उभरा है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा हाथ है शहर में लागू किया गया ‘स्मार्ट वेस्ट बास्केट’ सिस्टम और ‘जीरो वेस्ट मिशन’।
1. क्या है ‘स्मार्ट वेस्ट बास्केट’? (The Sensor Technology)
शहर के प्रमुख चौराहों, पार्कों और बाजारों (जैसे राजगढ़ रोड और सेक्टर-14) में अब साधारण कूड़ेदानों की जगह AI-सेंसर आधारित स्मार्ट बास्केट लगाई गई हैं।
- सेंसर अलर्ट: जैसे ही डस्टबिन 80% भर जाता है, यह सीधे नगर निगम के कंट्रोल रूम को एक सिग्नल भेजता है।
- समय की बचत: कचरा उठाने वाली गाड़ी (Garbage Van) तभी आती है जब डस्टबिन भरा हो, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होती है।
- गंध नियंत्रण (Odor Control): इन बास्केट्स में ऑटोमैटिक लिड (ढक्कन) होते हैं जो केवल कचरा डालते समय खुलते हैं, जिससे सड़न और बदबू की समस्या खत्म हो गई है।
2. ‘वेस्ट टू वेल्थ’ प्लांट: कचरे से कमाई
2026 में हिसार का अपना ‘कचरा निस्तारण प्लांट’ पूरी क्षमता से काम कर रहा है।
- यहाँ शहर के गीले कचरे से जैविक खाद (Organic Fertilizer) तैयार की जाती है, जिसे हिसार के किसान और बागवानी के शौकीन इस्तेमाल कर रहे हैं।
- सूखे कचरे (प्लास्टिक और मेटल) को रीसायकल करके नई वस्तुएं बनाई जा रही हैं।
3. डोर-टू-डोर डिजिटल कलेक्शन
अब कचरा कलेक्शन केवल एक शोर वाली गाड़ी नहीं है। हर घर के बाहर एक QR कोड लगा है।
- जब सफाई कर्मचारी कचरा उठाता है, तो वह कोड स्कैन करता है, जिससे नगर निगम को रीयल-टाइम डेटा मिलता है कि किस इलाके में सफाई हुई और कहाँ नहीं।
- निवासी अपनी शिकायतें और फीडबैक सीधे मोबाइल ऐप के जरिए दे सकते हैं।
4. ‘जीरो वेस्ट’ कॉलोनी पहल
हिसार के कई सेक्टर (जैसे सेक्टर-13 और 15) अब ‘जीरो वेस्ट जोन’ घोषित हो चुके हैं। यहाँ के निवासी अपने घर के कचरे को खुद ही कंपोस्ट करते हैं या पूरी तरह रीसायकल के लिए देते हैं। शहर की सड़कों पर अब एक भी ‘ब्लैक स्पॉट’ (कचरे का ढेर) दिखाई नहीं देता।
5. नागरिकों की भागीदारी: ‘मेरा हिसार, मेरी शान’
इस मिशन की सफलता का असली हीरो हिसार की जनता है। स्कूलों और कॉलेजों में ‘स्वच्छता एंबेसडर’ बनाए गए हैं, और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर ‘स्मार्ट कैमरों’ के जरिए जुर्माना (E-Challan) लगाया जा रहा है।
हिसार का क्लीन सिटी मिशन 2026 यह साबित करता है कि अगर सही तकनीक और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसी भी शहर को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाया जा सकता है। आज हिसार की हवा साफ है और सड़कें चमक रही हैं।


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