Women and children practicing self defense in Hisar martial arts academy

हिसार की बेस्ट ‘Self-Defense’ और मार्शल आर्ट्स एकेडमी: 2026 की कम्प्लीट गाइड

हिसार अब सिर्फ ‘स्टील सिटी’ नहीं रहा, बल्कि यह ‘सेल्फ-डिफेंस हब’ भी बनता जा रहा है। बढ़ते अपराध और असुरक्षा के बीच, अपनी सुरक्षा खुद करना अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। चाहे आप अपने बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाना चाहते हों या खुद को निडर बनाना चाहती हों, हिसार के ये सेंटर्स आपके लिए बेस्ट हैं।


1. सूरज कराटे प्लैनेट (डबरा चौक / मॉडल टाउन)

यह हिसार की सबसे पुरानी और भरोसेमंद एकेडमी में से एक है। कोच हरीश ठाकुर के नेतृत्व में यहाँ सैकड़ों बच्चों ने नेशनल लेवल पर पदक जीते हैं।

  • क्या सिखाया जाता है: स्पोर्ट्स कराटे, जूडो और एडवांस सेल्फ-डिफेंस।
  • फीस: ₹1,000 – ₹1,500 प्रति माह।
  • खासियत: यहाँ लड़कियों के लिए अलग से ‘स्पेशल संडे वर्कशॉप’ होती है।
  • टाइमिंग: सुबह 6-8 और शाम 4-8 बजे।

2. हरियाणा स्पोर्ट्स एकेडमी (सेक्टर 14, नियर सर्वेश अस्पताल)

अगर आप ‘प्रोफेशनल एथलीट’ बनना चाहते हैं, तो यहाँ की ट्रेनिंग बहुत सख्त और असरदार है।

  • क्या सिखाया जाता है: प्रोफेशनल कराटे और फिटनेस ट्रेनिंग।
  • फीस: लगभग ₹1,200 प्रति माह (रजिस्ट्रेशन शुल्क अलग)।
  • सुविधा: यहाँ इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के ‘कराटे मैट्स’ और आधुनिक ट्रेनिंग गियर्स मौजूद हैं।

3. रोहताश कुमार सेल्फ डिफेंस सोसाइटी (सेक्टर 15A)

रोहताश जी हिसार के एक जाने-माने नाम हैं। उनकी एकेडमी अनुशासन के लिए मशहूर है।

  • क्या सिखाया जाता है: ट्रेडिशनल मार्शल आर्ट्स और वेपन ट्रेनिंग (जैसे लाठी और ननचाकू)।
  • टार्गेट ऑडियंस: स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राएं।
  • प्रो टिप: यहाँ अनुशासन बहुत कड़ा है, जो बच्चों के चरित्र निर्माण में मदद करता है।

4. द वॉरियर्स ‘MMA’ और किकबॉक्सिंग क्लब (अर्बन एस्टेट)

मॉडर्न फाइटिंग स्टाइल चाहने वालों के लिए यह परफेक्ट है।

  • क्या सिखाया जाता है: मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA), किकबॉक्सिंग, और मुआ थाई।
  • फीस: ₹1,500 – ₹2,500 (क्योंकि इसमें पर्सनल ट्रेनिंग शामिल है)।
  • बेस्ट फॉर: जो लोग वजन कम करने (Weight Loss) के साथ-साथ लड़ना सीखना चाहते हैं।

5. जूडो एकेडमी (राइजिंग सन स्कूल, शिव चौक)

जूडो एक ऐसा खेल है जो हमलावर को पटकने में माहिर बनाता है।

  • खासियत: यहाँ ‘ग्रैपलिंग’ (Grappling) तकनीकों पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता है, जो लड़कियों के लिए क्लोज-रेंज फाइट में बहुत काम आती है।

मार्शल आर्ट्स क्लास चुनने से पहले चेकलिस्ट (Checklist):

  1. कोच का अनुभव: क्या कोच के पास नेशनल या इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन है? (जैसे WKF या AIKF से मान्यता)।
  2. हाइजीन (सफाई): क्या ट्रेनिंग मैट और वॉशरूम साफ़-सुथरे हैं? (बच्चों के इन्फेक्शन से बचाव के लिए ज़रूरी)।
  3. सुरक्षा गियर्स: क्या एकेडमी में हेड-गार्ड, चेस्ट-गार्ड और ग्लव्स अनिवार्य हैं?
  4. लोकेशन: क्या एकेडमी ऐसी जगह है जहाँ शाम को लड़कियां सुरक्षित आ-जा सकें?

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (गूगल सर्च के आधार पर)

Q1. क्या सेल्फ-डिफेंस सीखने के लिए बॉडी-बिल्डिंग ज़रूरी है?

  • उत्तर: बिल्कुल नहीं। मार्शल आर्ट्स में ‘Momentum’ और ‘Leverage’ का खेल होता है। एक छोटी लड़की भी तकनीक से अपने से दोगुने भारी इंसान को गिरा सकती है।

Q2. लड़कियों के लिए सबसे अच्छा मार्शल आर्ट कौन सा है?

  • उत्तर: कराटे और जू-जित्सु (Jiu-Jitsu) बेस्ट माने जाते हैं क्योंकि इनमें प्रेशर पॉइंट्स और जॉइंट लॉक्स का इस्तेमाल होता है, जो ताकतवर हमलावर को भी पस्त कर देते हैं।

Q3. क्या हिसार में ‘होम ट्यूशन’ के लिए मार्शल आर्ट्स ट्रेनर मिलते हैं?

  • उत्तर: हाँ, ‘कराटे प्लैनेट’ और ‘MMA वॉरियर्स’ जैसे सेंटर्स पर्सनल कोच भी प्रोवाइड करते हैं, लेकिन उनकी फीस ₹5,000 से ₹8,000 प्रति माह तक हो सकती है।

Q4. क्या सीखने के बाद सर्टिफिकेट भी मिलता है?

  • उत्तर: हाँ, अधिकतर एकेडमी हर 3-6 महीने में ‘बेल्ट ग्रेडिंग’ टेस्ट लेती हैं और आपको ऑथोराइज्ड सर्टिफिकेट देती हैं, जो स्कूल/कॉलेज एडमिशन में भी काम आता है।

InHisar ‘Expert’ टिप:

दुर्गा शक्ति ऐप का इस्तेमाल”। हिसार की लड़कियों के लिए यह जानकारी लाइफ-सेवर हो सकती है कि कैसे वे पुलिस की मदद तुरंत ले सकती हैं।

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