हिसार के टॉप 10 ड्राइविंग स्कूल: कार चलाना सीखें आत्मविश्वास के साथ (2026)
गाड़ी चलाना आज के समय में एक लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन गई है। हिसार जैसे बढ़ते शहर में ट्रैफिक के बीच सुरक्षित ड्राइविंग सीखना बहुत जरूरी है। एक अच्छा ड्राइविंग स्कूल आपको न सिर्फ क्लच और ब्रेक का तालमेल सिखाता है, बल्कि ट्रैफिक नियमों की भी पूरी जानकारी देता है। ‘अपना हिसार’ ने शहर के उन सेंटर्स की लिस्ट तैयार की है जो बेहतरीन ट्रेनिंग और भरोसेमंद सर्विस के लिए जाने जाते हैं।
1. हिसार के प्रमुख ड्राइविंग स्कूल (Top 10 Centers)
| स्कूल का नाम | विशेषता (Specialty) | लोकेशन |
| मारुति सुजुकी ड्राइविंग स्कूल | सिम्युलेटर ट्रेनिंग और प्रोफेशनल इंस्ट्रक्टर्स | राजगढ़ रोड / सेक्टर 14 |
| आजाद ड्राइविंग स्कूल | अनुभवी ट्रेनर्स और होम पिक-अप सुविधा | मॉडल टाउन |
| सैनी ड्राइविंग स्कूल | किफायती फीस और धैर्यवान स्टाफ | पटेल नगर |
| हिसार ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर | थ्योरी क्लासेस और ट्रैफिक नियम की जानकारी | अर्बन एस्टेट |
| स्टार ड्राइविंग स्कूल | महिलाओं के लिए विशेष लेडी इंस्ट्रक्टर्स | रेड स्क्वायर मार्केट |
| फ्रेंड्स ड्राइविंग स्कूल | नई गाड़ियों पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग | ऋषि नगर |
| चौधरी ड्राइविंग स्कूल | लाइसेंस फाइल प्रोसेसिंग में सहायता | बस स्टैंड के पास |
| परफेक्ट ड्राइविंग स्कूल | नाइट ड्राइविंग और हाईवे ट्रेनिंग | सेक्टर 13 |
| भारत ड्राइविंग एकेडमी | बड़ी गाड़ियों और भारी वाहनों की ट्रेनिंग | ऑटो मार्केट |
| यंग इंडिया ड्राइविंग सेंटर | स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल डिस्काउंट | सिविल लाइन्स |
2. यूजर जो जानकारी सबसे ज्यादा सर्च करता है (Key Details):
A. ट्रेनिंग का समय और कोर्स (Duration):
- नॉर्मल कोर्स: 15 दिन (रोजाना 30-45 मिनट)।
- क्रैश कोर्स: 7 से 10 दिन (जल्दी सीखने वालों के लिए)।
- एडवांस्ड कोर्स: 21 दिन (इसमें ट्रैफिक नियमों की थ्योरी भी शामिल है)।
B. अनुमानित फीस (Fee Structure 2026):
- सिर्फ ड्राइविंग (15 दिन): ₹2,500 – ₹3,500।
- ड्राइविंग + लाइसेंस सहायता: ₹4,500 – ₹6,000 (लाइसेंस की सरकारी फीस अलग हो सकती है)।
C. क्या-क्या सिखाया जाता है?
- बेसिक कंट्रोल (क्लच, गियर, ब्रेक)।
- रिवर्सिंग और पैरेलल पार्किंग (सबसे जरूरी)।
- ढलान (Incline) पर गाड़ी रोकना और चलाना।
- ट्रैफिक सिग्नल और रोड सेफ्टी साइन की पहचान।
3. ड्राइविंग स्कूल चुनते समय इन 3 बातों का ध्यान रखें:
- Dual Control Car: सुनिश्चित करें कि गाड़ी में इंस्ट्रक्टर के पास भी क्लच और ब्रेक का कंट्रोल हो।
- इंश्योरेंस: क्या स्कूल की गाड़ी फुली इंश्योर्ड है ताकि ट्रेनिंग के दौरान किसी डैमेज पर आप पर बोझ न आए?
- सिम्युलेटर ट्रेनिंग: मारुति जैसे स्कूल पहले मशीन (Simulator) पर हाथ साफ करवाते हैं, जिससे असली सड़क पर डर कम लगता है।


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